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Leo

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 à¤¸à¤¿à¤‚ह का 2020 का राशिफल 

 à¤°à¤¾à¤¶à¤¿à¤«à¤² 2020 के अनुसार सिंह राशि के जातकों को इस वर्ष मिश्रित परिणाम प्राप्त होंगे। आपको इस साल कुछ नए अवसरों की प्राप्ति होगी और उन अवसरों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए आपके पास पूरी ऊर्जा और सहनशक्ति भी होगी। आप जिस किसी भी काम में हाथ डालेंगे उसमें आपको सफलता मिलेगी और सुचारु रुप से आपके सभी उद्यम चलते रहेंगे। इस वर्ष की शुरुआत में राहु मिथुन राशि में आपके ग्यारहवें भाव में होंगे और सितंबर के मध्य में वृषभ राशि में आपके दशम भाव में प्रवेश करेंगे। वर्ष की शुरुआत में सबसे पहले शनि 24 जनवरी को आप के छठे भाव में अपनी स्वराशि मकर राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 30 मार्च को बृहस्पति देव भी मकर राशि में छठे भाव में प्रवेश कर जाएंगे और वक्री होकर 30 जून को पुनः आप के पाँचवें भाव में धनु राशि में आएंगे तथा इसके बाद 20 नवंबर को पुनः आप के छठे भाव में आ जाएंगे। सिंह राशिफल 2020 के अनुसार इस वर्ष आप छोटी दूरी की यात्राएं अधिक करेंगे और इन यात्राओं में आपको लाभ होगा। वर्ष की शुरुआत में आप कोई तीर्थ यात्रा पर भी जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त समाज सेवा से जुड़े कार्यों के कारण भी आप कुछ यात्राएं कर सकते हैं। शनि और बृहस्पति के संयुक्त प्रभाव के कारण अप्रैल से जुलाई के मध्य और फिर नवंबर मध्य के बाद आपके विदेश यात्राओं के अच्छे योग बनेंगे। इस वर्ष काफी लंबे समय से अटकी हुई आपकी अनेक मनोकामनाएं पूरी होंगी जिससे आपका मनोबल भी बढ़ेगा। जनवरी तथा मार्च से मई के मध्य आप अपना घर बनाने अथवा प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कोई लोन ले सकते हैं। इस वर्ष आप अनेक विषयों में रुचि लेंगे और उनके बारे में जानना चाहेंगे। कुछ कलात्मक अभिरुचियों में अधिक समय लगा सकते हैं। वर्ष 2020 आपके लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है क्योंकि इस वर्ष आप अपने क्षेत्र में स्थापित होने की उम्मीद कर सकते हैं। तो तैयार हो जाइए हर मौके को भुनाने के लिए और ऊँची सफलता पाने के लिए।

उपाय - इस वर्ष आपको यह उपाय पुरे वर्ष करना चाहिए जिसके फलस्वरूप आपको अनेकों समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और आप उन्नति के मार्ग पर कदम बढ़ाएंगे : आप प्रतिदिन सूर्य उदय से पूर्व उठे और नग्न आँखों से उगते हुए लाल रंग के सूर्य के दर्सन करें उसके बाद स्नान करने के उपरांत तांबे के पात्र में लाल पुष्प और लाल कुमकुम मिलाकर जल से सूर्य देव को अर्घ दें और आदित्य ह्रदय स्त्रोत्र का नियमित रूप से पाठ करें !